Artificial intelligence in Hindi [AI की संपूर्ण जानकारी]

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Artificial intelligence in Hindi [AI की संपूर्ण जानकारी]: जबसे Computer का आविष्कार हुआ है तब से इंसानों ने इसका इस्तेमाल काफी बढ़ा दिया है। वह इन्हें अपने सारे काम में लगा देते हैं जिससे इन पर आज हम ज्यादा Depend हो गए हैं।

इंसानों ने इन मशीनों की Capability को काफी हद तक बढ़ा दिया है। जैसे कि उनकी स्पीड, उनका साइज और उनके कार्य करने की क्षमता ताकि ये मनुष्य के काम बहुत ही कम समय में कर सकें।

What is Artificial Intelligence in Hindi [आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संपूर्ण जानकारी]:

आपने भी शायद यह ध्यान किया होगा कि आजकल जिसे देखो वही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बस तारीफ ही करता रहता है। अगर आप Artificial Intelligence के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हम आप लोगों को Artificial Intelligence क्या है? और यह कैसे काम करता है? यह कितना दूर है और क्यों है? इसके बारे में पूरी जानकारी इस Article में बताने वाले हैं इसलिए इस Article को आप शुरू से अंत तक जरूर पढियेगा।Artificial intelligence in hindi - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संपूर्ण जानकारी HindiCapitals

एक नया फील आपके सामने आया है जिसे लोग Artificial Intelligence कहते हैं जो कि मूल रूप से Computer Science का ही एक Branch है और जिसका मुख्य काम यह है की ऐसी Intelligence मशीन बनाए जो कि मानव के जैसे बुद्धिमान हो और जो किसी काम को करने का Decision स्वयं ले सकें जिससे वह हमारे काम और भी आसान कर दें।

Artificial Intelligence क्या है:

Artificial Intelligence को हिंदी में कृत्रिम होशियारी या कृत्रिम दिमाग कहते हैं। यह एक ऐसा Simulation है जिसमें मशीनों को इंसानी Intelligence दिया जाता है या यूं कहें तो उनके दिमाग को इतना उन्नत किया जाता है कि वह मनुष्यों की तरह सोच सकें और Automatic काम कर सकें। यह खासकर कंप्यूटर सिस्टम में ही किया जाता है इस प्रक्रिया में मुख्यतः तीन Processes शामिल हैं जो निम्नलिखित हैं।

1. Learning:

इसमें मशीनों के दिमाग में कुछ Informations डाली जाती है और उन्हें कुछ Rules भी सिखाए जाते हैं जिससे कि वह उन पर Rules का पालन करके किसी दिए गये कार्य को पूरा कर सकें।

2. Reasoning:

इसके अंतर्गत मशीनों को यह Imsert किया जाता है कि वह उन पर बनाए गए Rules का पालन करके रिजल्ट की तरफ अग्रसर हैं जिससे कि उन्हें Approximate Conclusion हासिल हो।

3. Self – Correction:

अगर हम Artificial Intelligence के Particular Application की बात करें तो इसमें Expert System, Speech Recognition और Machine Vision शामिल है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कुछ इस प्रकार से बनाया गया है कि वह मनुष्यों की तरह ही सोच सके।

जैसे मनुष्य का दिमाग किसी भी चीज को पहले सीखते हैं फिर उसे प्रोसेस करते हैं, डिसाइड करते हैं कि क्या करना उचित होगा और Finally उसे कैसे Solve करना है उसके बारे में सोचती है। उसी प्रकार Artificial Intelligence में भी मशीनों को इंसानी दिमाग की सारी Capability दी गई है जिससे कि वह हमारी तरह बेहतर काम कर सकें।

Artificial Intelligence के बारे में सबसे पहले “John McCarrhy” ने दुनिया को बताया था। ये एक American Computer Scientist थे जिन्होंने सबसे पहले इस टेक्नोलॉजी के बारे में सन 1956 में “The Dartmouth Conference में बताया था।

Artificial Intelligence आज एक पेड़ की तरह बहुत बड़ा हो गया है और सारी Robotics Process, Automation से Actual Robotics तक सभी चीजें इसके अंतर्गत आती हैं।

इसमें Big Data की टेक्नोलॉजी भी शामिल हो चुकी हैं। और इसकी दिन-ब-दिन बढ़ती हुई Speed, Size और Variety of Data Business से बहुत सी कंपनी इस टेक्नोलॉजी को अपनाना चाहती हैं।

अगर मैं Artificial Intelligence की बात करूं तो इसकी मदद से Raw Data में Pattern को Identify करना काफी आसान हो गया है वहीं इंसानों द्वारा बहुत गलतियां होती हैं। इससे कंपनी को बहुत कम समय में अपने डेटा के ऊपर ज्यादा इंसाइड प्राप्त होती हैं।

तो अब जानते हैं Artificial Intelligence की Philosophy के बारे में।

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Philosophy of Artificial Intelligence:

जब इंसान कंप्यूटर सिस्टम की असली ताकत की खोज कर रहा था तब मनुष्य की अधिक जानने की इच्छा नें उसे यह सोचने में बाध्य किया कि क्या मशीन भी मनुष्य की तरह सोच सकती हैं? और इसी तरह ही Artificial Intelligence के Development की शुरुआत हुई जिसका केवल एक ही उद्देश्य था की एक ऐसी Intelligent मशीन की संरचना की जाए जो कि इंसानों की तरह ही बुद्धिमान हो और इंसानों की तरह ही सोच सके।

Artificial Intelligence के लक्ष्य:

Expert Systems बनाना मतलब कुछ ऐसे Systems को बनाना है जोकि Intelligent Behavior प्रदर्शन कर सकें जो कि Learn सकें, Demonstrate Explain के साथ ही अपने यूजर्स को Advise कर सकें। Human Intelligent को मशीन में इंप्लीमेंट करना मतलब ऐसे Systems बनाना जो कि इंसानों की तरह ही समझ, सोच, सीख और बिहैव कर सकें।

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Artificial Technique क्या है?

अगर हम Real World की बात करें तो ज्ञान की कुछ अजीबोगरीब विश्वसनीयता है जैसे कि इसका वॉल्यूम बहुत ही ज्यादा है या यूं कहें तो अकल्पनीय है। यह पूरी तरह से Well Organized और Well Formated नहीं है। इसके साथ साथ यह निरंतर बदलता रहता है।

अब बात आती है कि Artificial Intelligence Technique क्या है? तो मैं आपको बता दूं कि Artificial Technique एक ऐसी Technique है जिसमें कि हम ज्ञान या नॉलेज को ऐसे Organized Way में रखेंगे कि जैसे हम इसका इस्तेमाल बहुत ही Efficiency के साथ कर सकते हैं।

जैसे कि ये पढ़ने और समझने योग्य होना चाहिए जो लोग इसे प्रोवाइड करते हैं। यह आसानी से Modify करने योग्य होना चाहिए जिससे कि इसकी Errors को और आसानी से सुधारा जा सके। यह बहुत सी जगह में यूज़फुल होना चाहिए हांलाकि Incomplete और Inaccurate हो। Artificial Intelligence Techniques को अगर कोई Complex Program के साथ Aquipt किया जाए तो उसकी स्पीड ऑफ एजुकेशन को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है।

अब बात करते हैं Artificial Intelligence के Types या प्रकार की।

Types of Artificial Intelligence:

Artificial Intelligence को बहुत से प्रकारों में Devide किया जा सकता है लेकिन उनमें से केवल दो मुख्य हैं जो निम्न प्रकार हैं।

1. Weak Artificial Intelligence:

इस प्रकार की Artificial Intelligence को नैरो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी कहा जाता है। इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को कुछ इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि यह केवल एक Particular टास्क ही करें। उदाहरण के लिए इसमें “Virtual Personal Assistant such as Apple’s Siri” एक Weak AI का बहुत बढ़िया उदाहरण है।

2. Strong Artificial Intelligence:

इस प्रकार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनरल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी कहा जाता है। इस प्रकार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम में जनरलाइज्ड मनुष्य की बुद्धिमता होती है जिसमें कि ये समय आने पर अगर इसे कोई Difficult सा टास्क दिया जाए तो यह बड़े आसानी से उसका Solution निकाल सकता है।

इस Turing Test को Mathematician Alan Turing द्वारा सन् 1950 में Develop किया गया था। इसका इस्तेमाल यह जानने के लिए किया गया था कि क्या कंप्यूटर सभी मनुष्य की तरह सो सकती है कि नहीं।

Examples of Artificial Intelligence

अब बात करें Artificial Intelligence की टेक्नोलॉजी के उदाहरण की तो इसके बहुत सारे उदाहरण हैं जो निम्नलिखित हैं।

1. Automation

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे कि सिस्टम और Process Functions को ऑटोमेटिक कर दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन को प्रोग्राम्ड किया जाता है ताकि वह High Volume, Repetiable टास्क को आसानी से कर सकें। RPA ओर IT Automation में यह अंतर है कि RPA में वो Circumstances के हिसाब से Adupt होता है और वहीं IT ऑटोमेशन में ऐसा नहीं होता है।

2. Machine Learning

यह एक ऐसा विज्ञान है जिसमें कंप्यूटर बिना प्रोग्रामिंग के काम करता है। Deep Learning भी Machine Learning का ही एक भाग है जिसमें प्रोडक्टिव एनालिसिस को ऑटोमेशन किया जाता है। मशीन लर्निंग के निम्नलिखित प्रकार के Algorithms हैं।

I. Supervised Learning: सुपरवाइज्ड लर्निंग जहां Data Sets को पेटर्न कहा जाता है और जिसे नये Data Sets को लेबल करने में काम आता है।

II. Unsupervised Learning: जहां Data Sets को लेबल नहीं किया जाता है बल्कि उनकी समानता और असमानता के आधार पर उन्हें शूट किया जाता है।

III. Rainforcement Learning: जहां Data Sets को लेबल नहीं किया जाता पर कुछ एक्शन और ज्यादा एक्शन करने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को फीडबैक दिया जाता है।

IV. Machine Vision: यह एक ऐसा विज्ञान है जिसकी मदद से हम कंप्यूटर को देखने के काबिल कर सकते हैं। Machine Vision में कंप्यूटर विजुअल इंफॉर्मेशन को कैमरा की मदद से कैप्चर करती हैं और एनालाइज करती है।

इसके साथ साथ Analog to Digital coConversation और डिजिटल सिग्नल भी करती है। इसकी इन्सानी आंखों के साथ भी तुलना की जाती है लेकिन मशीन विजन की कोई लिमिटेशन नहीं है और यह दीवारों के पार भी देख सकते हैं इसीलिए इनका काफी इस्तेमाल मेडिकल में भी होता है।

V. Natural Language Processing: यह एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें कंप्यूटर प्रोग्राम की मदद से किसी इंसानी भाषा को मशीन के द्वारा समझा जाता है। उदाहरण के तौर पर आप स्पैम डिटेक्शन को भी ले सकते हैं जिसमें कंप्यूटर का प्रोग्राम ही यह डिसाइड कर लेता है कि कौन सी Text ओरिजिनल ई-मेल है और कौन सी Spam ईमेल है। नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग के कामों में मुख्यतः Text Translation, Graph Analysis और Speech Recognition में यूज किया जाता है।

VI. Pattern Recognition: यह एक ऐसी ब्रांच है जिसमें मशीन लर्निंग के डाटा को Patterns में Identify करता है और जिसका इस्तेमाल बाद में डाटा एनालिसिस में होता है।

VII. Robotics: यह एक ऐसी फील्ड है जिसमें रोबोट्स की डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा फोकस किया जाता है। ऐसे काम जो कि हम इंसानों के लिए बहुत ही मुश्किल होता है तो वहां रोबोट्स को इस्तेमाल में लाते हैं क्योंकि वह कठिन से कठिन काम भी बड़ी आसानी से कर लेते हैं और वह भी बिना किसी गलती के। उदाहरण के तौर पर हम उनका इस्तेमाल कार प्रोडक्शन की असेंबली लाइन में करते हैं।

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Applications of AI:

अब आगे हम जानेंगे कि Artificial Intelligence को किन-किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है।

1. Artificial Intelligence in Healthcare:

Artificial Intelligence का सबसे बढ़ा इस्तेमाल हेल्थ केयर industry में होता है। यहां सबसे बड़ा चैलेंज यह है कि कैसे हम मरीज का बेहतर इलाज कम से कम लागत में कर सकें। इसीलिए अब Companies Artificial Intelligence का इस्तेमाल हॉस्पिटल्स में कर रही है जिससे कि बेहतर और जल्दी से मरीजों का इलाज सुचारू रूप से हो सके।

ऐसी ही एक बहुत ही फेमस हेल्थ केयर टेक्नोलॉजी है और जिसका नाम है आईबीएम वाटसन। इसके साथ साथ अब कॉमन बीमारियों के लिए हेल्थ असिस्टेंस भी आ चुके हैं जिसकी मदद से अब आम लोग अपनी बीमारियों का इलाज करवा सकते हैं। इन सभी मशीनों के इस्तेमाल से अब हेल्थ केयर इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ी क्रांति आने वाली है।

2. Artificial Intelligence in Business:

Robotics Process ऑटोमेशन की मदद से अब Highly Repeatitive टास्क को अब मशीनों के द्वारा किया जा रहा है। Machine Learning Algorithm को अब Analytics NCRM Platform के साथ इंटीग्रेट किया जा रहा है। जिससे कि यह पता चल सके कि कैसे Companies अपने कस्टमर को बेहतर मदद कर सकें।  चेट बोट्स को Website के सक्त इनकॉरपोरेट किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द कस्टमर्स को सर्विस दी जा सके।

3. Artificial Intelligence in Educations:

Artificial Intelligence की मदद से अब ऑटोमेटिक ग्रेडिंग किया जा सकता है जिससे कि बच्चों को पढ़ाने के लिए Educators को ज्यादा टाइम मिल सके। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कोई भी छात्र को अच्छी तरह से इन्स्पेक्ट किया जा सकता है। क्या उसकी जरूरत है किन-किन सब्जेक्ट में वह Weak है इत्यादि।

आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्यूटर्स की मदद से स्टूडेंट्स घर में बैठे सभी चीजों का हल ढूंढ रहे हैं इससे उनका पढ़ने में इंटरेस्ट भी काफी बढ़ रहा है।

4. Artificial Intelligence in Finance:

Artificial Intelligence की मदद से फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को काफी लाभ मिल रहा है क्योंकि कंपनीज को पहले डाटा एनालिसिस में खूब पैसे और समय इन्वेस्ट करना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होता अब तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सब कुछ बहुत ही कम समय में कर देती है।

5. Artificial Intelligence in Law:

पहले ये डाक्यूमेंट्स की प्रोसेसिंग बहुत ही चिंता पैदा करती थी पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब यह डाक्यूमेंट्स की प्रोसेसिंग बहुत आसानी से हो जाती है इससे सारा काम बहुत ही एफिशिएंट तरीके से चलता है।

6. Artificial Intelligence in Manufacturing:

Artificial Intelligence का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में भी खूब जोरो से है। पहले जिस काम को करने के लिए सैकड़ों लोग लगते थे वही कान आज एक मशीन की मदद से बहुत जल्दी और बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

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Artificial Intelligence और हमारा भविष्य

दिन-ब-दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ता ही जा रहा है मनुष्य धीरे धीरे ऐसी मशीनों के ज्यादा आदि बनते जा रहे हैं। हम हमारी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को और भी ज्यादा शक्तिशाली और ज्यादा एडवांस कर रहे हैं ताकि यह हमारे कठिन से कठिन काम को पूरा कर सकें।

ऐसा होने से हमारे जाने अनजाने मैं यह मशीन और भी ज्यादा ताकतवर बनते जा रहे हैं और इनमें सोचने की शक्ति भी धीरे-धीरे बढ़ रही है जिससे कि यह किसी भी परिस्थिति में खुद को ढाल सकते हैं और यह हमारे लिए अच्छी बात नहीं है।

वो दिन अब दूर नहीं जब यह हमारे बात का पालन भी ना करें और अपने मन मुताबिक ही काम करें ऐसे में मनुष्य और समाज को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह हमारी सभी इंडस्ट्रीज में पहले से ही अपनी जड़ गाड़ चुके हैं और हम उनके बहुत आदि बन चुके हैं जिससे उनके बिना हमें हमारा काम करने मैं भी तकलीफ हो रही है। सुनने में भले ही यह बात थोड़ी अटपटी लगी लेकिन 100% सही है।

हमारा मानना यह है कि भले ही हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अपने जीवन में अच्छाई के लिए करें लेकिन हमें यह बात ध्यान में रखना बहुत जरूरी है की कुछ चीजें जोकि हमारे कंट्रोल में है उन्हें उनकी चाबी हमें हमारे पास ही रखना चाहिए ताकि समय आने पर हम उसका सही इस्तेमाल कर सकें।

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